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न्याय न मिलने पर 3 साल के मासूम को लेकर 100 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ी रेप पीड़िता, 6 घंटे...Video

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों को घंटों तक सांसें थामे रखने पर मजबूर कर दिया। न्याय की मांग कर रही एक दुष्कर्म पीड़िता अपने तीन साल के मासूम बच्चे को साथ लेकर करीब 80 से 100 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। महिला ने अपने बच्चे को साड़ी के सहारे अपनी कमर से बांध रखा था, जिससे नीचे मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई।

यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित रघुकुल विद्यापीठ परिसर के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला सुबह के समय टॉवर पर चढ़ी और वहां से लगातार प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए न्याय की मांग करती रही। जैसे ही लोगों ने महिला को टॉवर पर देखा, इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।

सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ी रही। महिला का आरोप था कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी, लेकिन लंबे समय से न्याय नहीं मिलने के कारण उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

टॉवर पर चढ़ी महिला अपने साथ मौजूद मासूम बच्चे को लेकर भी बेहद चिंतित दिखाई दी। तेज धूप और ऊंचाई पर कई घंटे बिताने के बावजूद वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। नीचे मौजूद लोग लगातार उसे समझाने का प्रयास करते रहे, जबकि प्रशासनिक अधिकारी भी बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश करते रहे।

करीब छह घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज घटनाक्रम के दौरान पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस ने आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया था। प्रशासन की ओर से महिला को भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और उसे न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लंबी बातचीत और अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद आखिरकार महिला नीचे उतरने के लिए तैयार हो गई। राहत की बात यह रही कि महिला और उसका तीन वर्षीय बच्चा दोनों सुरक्षित नीचे उतर आए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा के बीच अपने साथ ले जाकर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि यदि समय पर शिकायतों का समाधान हो जाए तो किसी भी व्यक्ति को इस तरह अपनी और अपने बच्चे की जान जोखिम में डालने की नौबत नहीं आएगी। वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और पीड़िता की शिकायतों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग महिला की हिम्मत, उसकी मजबूरी और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। गोंडा में हुई यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि जब किसी व्यक्ति को अपनी बात सुनाने का रास्ता नहीं दिखता, तो वह कभी-कभी ऐसे खतरनाक कदम उठाने पर मजबूर हो जाता है, जो उसकी और उसके परिवार की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

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